➤ हिमाचल सरकार ने नई लॉटरी नियमावली का ड्राफ्ट जारी किया, सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष जोर
➤ रात 9 बजे के बाद किसी भी लॉटरी ड्रा की अनुमति नहीं होगी, एक दिन में अधिकतम 24 ड्रा ही हो सकेंगे
➤ फर्जीवाड़ा रोकने के लिए हर टिकट पर QR कोड, बारकोड और डिजिटल हस्ताक्षर अनिवार्य किए गए
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में लॉटरी संचालन को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और नियंत्रित बनाने के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। वीरवार को वित्त विभाग के कोष, लेखा एवं लॉटरी निदेशालय ने इन नियमों को अधिसूचित किया। प्रस्तावित नियमों में जनता के हितों की सुरक्षा के साथ-साथ लॉटरी संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं।
नए नियमों के तहत रात 9 बजे के बाद किसी भी लॉटरी ड्रा की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा सभी योजनाओं को मिलाकर एक दिन में अधिकतम 24 ड्रा ही आयोजित किए जा सकेंगे। राज्य सरकार ने वर्षभर में केवल छह विशेष बंपर ड्रा आयोजित करने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है।
राष्ट्रीय पर्वों और सरकारी अवकाश के दिनों में किसी भी प्रकार की लॉटरी ड्रा गतिविधि नहीं होगी। प्रत्येक टिकट पर राज्य सरकार का लोगो, निदेशक के डिजिटल हस्ताक्षर, बारकोड, क्यूआर कोड और टिकट छपाई का समय अंकित करना अनिवार्य होगा। फिजिकल टिकटों पर स्पष्ट रूप से “For Sale in Himachal Pradesh Only” भी लिखा जाएगा।
ड्राफ्ट नियमों में साप्ताहिक, मासिक और बंपर ड्रा की व्यवस्था रखी गई है। टिकट की कीमत 10 रुपये से 500 रुपये तक निर्धारित करने का प्रस्ताव है। वहीं इनाम राशि एक लाख रुपये से लेकर पांच करोड़ रुपये तक रखी जा सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय लॉटरी के आकार, टिकट दर और ड्रा की आवृत्ति पर मुख्यमंत्री द्वारा लिया जाएगा।
फर्जी टिकटों पर लगेगी रोक
सरकार ने फर्जी टिकटों और धोखाधड़ी को रोकने के लिए हाई सिक्योरिटी व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है। ऑनलाइन लॉटरी का मुख्य सर्वर हिमाचल प्रदेश की सीमा के भीतर स्थापित किया जाएगा, जबकि उसका मिरर सर्वर शिमला स्थित निदेशालय में रहेगा। इससे अधिकारी हर गतिविधि की रियल टाइम निगरानी कर सकेंगे।
लॉटरी टिकटों की छपाई केवल सरकारी प्रेस या भारतीय रिजर्व बैंक तथा इंडियन बैंक्स एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त हाई सिक्योरिटी प्रेस में ही करवाई जा सकेगी। यदि किसी टिकट पर अनिवार्य सुरक्षा फीचर नहीं पाया गया तो संबंधित वितरक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
निर्णायकों की जवाबदेही तय
लॉटरी परिणाम घोषित करने वाले प्रथम और द्वितीय श्रेणी के राजपत्रित अधिकारियों के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं। यदि किसी अधिकारी या उसके रिश्तेदार का किसी डिस्ट्रीब्यूटर, सब-डिस्ट्रीब्यूटर या रिटेलर के साथ व्यावसायिक संबंध पाया जाता है, तो वह ड्रा प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकेगा।
ड्यूटी संभालने से पहले सभी अधिकारियों को ‘नो कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट’ का हलफनामा देना होगा। जानकारी छिपाने पर तत्काल बर्खास्तगी, ब्लैकलिस्टिंग और आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान रखा गया है।
नियम तोड़े तो होगी कड़ी कार्रवाई
नियमों के अनुसार टेंडर मिलने और एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने के 60 दिनों के भीतर पहला ड्रा कराना अनिवार्य होगा। यदि कंपनी ऐसा नहीं करती है तो उसकी जमा सुरक्षा राशि जब्त कर ली जाएगी।
इसके अलावा यदि कोई डिस्ट्रीब्यूटर बिना उचित कारण के छपे हुए टिकट नहीं उठाता है, तो सरकार उससे हुए नुकसान की भरपाई जुर्माने के रूप में वसूलेगी।



